क्या यह सच है की IVF उम्र और वज़न की वजह से प्रभावित हो सकता है ?

क्या यह सच है की IVF उम्र और वज़न की वजह से प्रभावित हो सकता है ?

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    वज़न और उम्र का IVF पर प्रभाव

    आईवीएफ (IVF) अर्थात इन विट्रो फर्टिलाइजेशनगर्भधारण करने की परिक्रिया को कहा जाता है | टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक के द्वारा एक दम्पति जो माँबाप बनने की कोशिश कर रहे है पर मुश्किल में है तो उनको इस तकनीक की द्वारा मदद हो सकती है | यह भी देखा गया है की इस तकनीक के इस्तेमाल से बहुत सरे दम्पतियों को माँबाप बनने का सौभाग्य प्रापर्ट हुआ है |

    भारत में इस तकनीक का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है | यदि आप इनफर्टिलिटी की स्थिति से झूझ रहे है तो आप फर्टिलिटी डॉक्टर से सम्पर्क करें | IVF Centre in Punjab में जाकर आप अपनी स्थिति के अनुसार सबसे बेहतरीन ट्रीटमेंट का फायदा लें सकते है | यदि आपको इस ट्रीटमेंट से रिलेटेड कोई भी समस्या है तो आप हमारे fertility clinic in Moga में जाकर डॉक्टर को कंसल्ट करें |

    आईवीएफ : क्या उम्र और वज़न ट्रीटमेंट पर प्रभाव डालता है ?

    IVF की तकनीक का इस्तेमाल बहुत ही तेज़ी से बढ़ रहा है | पर इस तकनीक के बारे में सब लोग को अच्छे से नहीं पता है और उनको इस बात का संदेह है की उम्र और वज़न मुशिकल पैदा कर सकते है | और तो और लोगो को यह भी लगता है की IVF सुरक्षित नहीं है | सबसे पहले तो यह समझ लें की आईवीएफ बिलकुल सुरक्षित परिक्रिया है | आईवीएफ ट्रीटमेंट में जोखिम न के बराबर ही होता है, इसका मतलब है की ट्रीटमेंट बहुत ही सेफ है |

    वजन IVF को कैसे प्रभावित करता है?

    बहुत सारे अध्ययन के बाद यह सामने आया है की अच्छे स्वास्थ्य के बहुत सारे लाभ है और यदि आपका वज़न अधिक हो तो उससे मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारयों के होने का खतरा बढ़ जाता है | यदि गर्भव्यस्था के दौरान महिलाओं का वज़न बहुत ज़्यादा है तो उससे खतरा बढ़ जाता है | यदि आपका वज़न कम हो या बहुत ही ज़्यादा है और आप माँबाप बनने का परियास कर रहें है तो आपको बाँझपन की समस्या से जूझना पद सकता है | ऐसा भी हो सकता है की इसके चलते आपको होर्मोनेस की समस्या हो सकती है |

    क्या मोटापा आईवीएफ की ट्रीटमेंट पर प्रभाव डालता है ?

    आईवीएफ ट्रीटमेंट करवाने वाली दम्पति को यह ध्यान में रखना होगा की उनको ज़्यादा मोटापा न हो वरना उसका प्रभाव अंडाणु की गुणवत्ता को ख़राब कर सकता है | जैसे की वज़न बढ़ता है तो उसके साथ ही गर्भपात का खतरा बढ़ने लग जाता है | यह समझ लें की अंडे की गुणवत्ता IVF के लिए बहुत ज़रूरी है नहीं तो आपको सफलता नहीं मिल पाएगी, जिससे की आपको माँबाप बनने में परिशानी हो सकती है | यदि आपका वजन बढ़ जाए तो कई बार आईवीएफ ट्रीटमेंट में भी परेशानी आती है |

    आईवीएफ में उम्र की भूमिका

    आईवीएफ तकनीक में उम्र का भी बहुत ही ज़्यादा महत्व है | जैसेजैसे महिला की उम्र बढ़ती है वैसे ही उसके माँ बनने की सम्भावना भी कम होने लग जाती है | उम्र के बढ़ने की वजह से महिला के अंडो पर भी प्रभाव पड़ने लग जाता है | यह समझना ज़रूरी है की जो महिला की उम्र 40 वर्ष से ज़्यादा है उनकी प्रेगनेंसी के चान्सेस कम होने लग जाते है |

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