पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की जितनी जल्दी पहचान हो उतनी जल्दी आप बेहतर हो सकेंगे

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की जितनी जल्दी पहचान हो उतनी जल्दी आप बेहतर हो सकेंगे

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    पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)

    Gomti Thapar Hospital जो की सबसे जाना माना IVF Centre in Punjab में स्थित है, वहाँ के फर्टिलिटी डॉक्टर का मानना है की PCOS की समस्या का अगर सही समय पर पता लग जाए तो महिला को बहुत ही ज़्यादा फैयदा हो सकता है | हमारे fertility clinic in Moga में इस समस्या से बहुत साडी महिलाओँ को रहत मिली है | मुश्किल तब शुरू होती है जब एक महिला गर्भवती होने की कोशिश करती है पर उसको सफलता प्रपात नहीं हो पाती है | यह समझ लें की चाहे डॉक्टर PCOS कहें या PCOD दोनों में कोई अंतर नहीं है |

    पीसीओएस क्या है ?

    PCOS की समस्या ओवरीज़ से जुडी होती है | इस समस्या की वजह से होर्मोनेस में बहुत ही ज़्यादा उतरचढ़ाव आने लग जाता है | इस स्थिति में महिला के शरीर में मेल होर्मोनेस की मात्रा बहुत ही तेज़ी से बढ़ने लग जाती है | एहि नहीं बल्कि इस स्थिति में सिस्ट की समस्या भी हो सकती है को जी छोटीछोटी थैली के रूप में बनने लग जाता है | समय रहते अगर इलाज न करवाया जाए तो यह गांठ बन जाता है | इस स्थितहि में ओव्यूलेशन की परिक्रिया पर प्रभाव पड़ता है जिससे की प्रेगनेंसी के चान्सेस कम हो सकते हैं | यही नहीं PCOS के होने पर टाइप-2 डायबिटीज की संभावना की अधिक हो जाती है |

    क्या होते हैं पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण?

    जैसे की हमने कहा की महिला को कई बार तब तक नहीं चलता की वह इस बीमारी से झूझ रहीं है जब तक माँ बनने का परियस न करें | परन्तु कुछ ऐसी भी लक्षण है जो की महिला में इस समस्या के होने पर देखे जाते हैं, वह निचेलिखे गए हैं:

    • अधिक रक्तस्राव, इस समस्या के चलते बहुत ही अधिक रक्तस्त्राव हो सकता है माहवारी के दौरान
    • पुरे शरीर पर या किसी एक अंग पर अधिक बालों का बढ़ना जो की पहले नहीं थे |
    • मुंहासे, जैसे की इस समस्या में होर्मोनेस बढ़ने लग जाते हैं तो चेहरे पर मुंहासे भी अधिक हो जाते हैं | वजन बढ़ना, यह समझ लें की आपको सही समय पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए |

    इसके इलावा सिरदर्द, व्यवहार में बदलाव, अनिद्रा (अच्छी तरह से नींद का न आना), और कई सरे लक्षण देखे जा सकते हैं | आप सही समय पर अगर डॉक्टर से परामर्श करें तो आपको यह पता लग सकता है की आपकी स्थिति सही कैसे हो सकती है |

    क्या होते है पीसीओएस होने का कारण?

    वैसे तो अब तक यह नहीं पता चल पाया है की यह समस्या क्यों होती है | परन्तु कुछ शोध के अनुसार ऐसा देखा गया है की अगर पहले से ही परिवार में किसी को यह समस्या हो तो इसका होने का खतरा बढ़ जाता है | इसके साथ ही अगर महिला के पीरियड्स में अनियमता हो तो भी इस समस्या के होने का खतरा बढ़ जाता है |

    क्या होता है पीसीओएस का इलाज?

    हाँ! यह सच है की इस समस्या को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है डॉक्टर की देख रेख में इस समस्या में होने वाले लक्षणों को कम किया जा सकता है | जिसके द्वारा होर्मोनेस का चक्र पूरी तरह से बिगड़ सकता है | डॉक्टर आपको वह ट्रीटमेंट प्लान देगा जो की आपकी स्थिति को बेहतर सक सके |

    क्या होते हैं पीसीओएस से बचाव के उपाय ?

    इस समस्या में यह ज़रूरी है की आप अपना वजन कम करें, आपको व्यायम करना चाहिए, और अपनी सेहत का अचे से ख्याल रखना चाहिए | कोई भी समस्या है तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए |

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