Gomti Thapar Hospital के डॉक्टर से जाने क्या हैं रसौली के कारण, लक्षण, और उपचार ?

Gomti Thapar Hospital के डॉक्टर से जाने क्या हैं रसौली के कारण, लक्षण, और उपचार ?

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    रसौली/गांठ (फाइब्रॉइड) (FIBROID)

    रसौली के गर्भाशय में होने ट्यूमर्स की समस्या हो जाती है | कैंसर के मामले इस समस्या की वजह से कम होते हैं पर इसका मतलब यह नहीं की आप स्थिति तो तालते रहें जो की आपके लिए ही मुसीबत बन सकती है | अधिकतर महिलाओं को यह समस्या 24 से 50 की उम्र के बीच में होती है | सबसे प्रमुख कारण है बॉडी में एस्ट्रोजन की मात्रा का बहुत ही तेज़ी से बढ़ना | यदि आप माँ बनने का परियास कर रही है और आपको इस स्थिति का पता लगा है तो आपको IVF Centre in Punjab: Gomti Thapar Hospital में आकर डॉक्टर से इस स्थिति के बारे में जान लेना चाहिए | हमारे fertility clinic in Moga में बहुत सारी महिलाओं ने इस मुश्किल से निदान पाया है, बल्कि उन्हें माँ बनने का सुख भी प्रपात हुआ है | 

     

    गर्भाशय फाइब्राॅइड (गर्भाशय में गांठ) के कारण क्या होते हैं ?

    गर्भाशय फाइब्राॅइड या रसोली के मुश्किल को आनुवांशिक भी माना जाता है | इसका मतलब यह है की अगर आपके परिवार में यह समस्या किसी को हो चुकी है तो यह आपको भी हो सकती है | इसके बाद होर्मोनेस में बहुत ही ज़्यादा उतर-चढ़ाव आने लग जाता है जो की स्थिति को और ख़राब कर देता है | इस स्थिति होने के कुछ अहम कारण है :

    • बढ़ती उम्र
    • प्रेग्नेंसी
    • मोटापा  

    रिसर्च के मुताबिक यह देखा गया है की गर्भाशय फाइब्राॅइड के लागबहग 99% केसेस बिना कैंसर (without cancer) के होते हैं | पर हाँ यह भी ज़रूरी है की आप सही समय पर डॉक्टर से परामर्श करें | 

     

    गर्भाशय फाइब्रॉइड (गर्भाषय में गांठ) के लक्षण क्या होते हैं ?

    • प्राइवेट पार्ट से खून का आना | 
    • कुछ भी काम करने की हिम्मत न होना | 
    • मासिक धर्म बहुत ही ज़्यादा दिनों के लिए आना | 
    • मासिक धर्म में रक्तस्राव का बहुत ज़्यादा हो जाना | 
    • पेशाब का बार-बार आना | 
    • यौन संबंध के समय अधिक दर्द महसूस होना | 
    • पीठ के निचे दर्द महसूस होना | 
    • पेट में सूजन।
    • एनीमिया।
    • कब्ज।
    • पैरों में दर्द।

    गर्भाशय फाइब्रॉइड के उपचार के लिए डॉक्टर तो पहले यह पता लगाएं की इसका आकार कितना बढ़ चूका है | डॉक्टर या तो आपको दवाएं देंगे या फिर Hysteroscopy/Laparoscopy जो की एक सर्जरी है उसको करने का सुझाव देंगे | 

     

    प्रेग्नेंसी और गर्भाषय फायब्रॉइड: क्या है इनका संबंध?

    चाहे फायब्रॉइड छोटा हो पर फिर भी इससे आपके गर्भ में परेशानी हो सकती है | ऐसा हो सकता है शुरू में यह बहुत जल्दी बढ़े | जिसके चलते आपको ब्लीडिंग बहुत ज़्यादा होना और दर्द महसूस होना | इस समस्या को जांच करने की परिक्रिया पहले से बहुत बेहतर हो चुकी है, जिसका मतलब यह है की डॉक्टर बहुत ही आसानी से पता लगा सकते हैं की फायब्रॉइड जो की यूट्रस के भीतर है वह भ्रूण की जगह न ले रहा हो | डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के ज़रिये ये पता लगाएंगे की भ्रूण और फायब्रॉयड्स के विकास की 

    प्रक्रिया सही तरीके से हो सके | 

     

    गर्भाशय फाइब्रॉइड (गांठ) का उपचार कैसे होता है ? 

    आपके लक्षण के आधार पर आपका उपचार संभव होगा | गर्भाशय फाइब्रॉइड (गांठ) का उपचार डॉक्टर दवा देकर भी कर सकते है, जिसमें की वह कुछ इस प्रकार की होती हैं :

    • दर्द निवारक दवाएं
    • गर्भनिरोधक गोलियां
    • प्रोजेस्टिन-रिलीजिंग इंट्रायूटरिन डिवाइस (IUD)
    • गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन एगोनिस्ट (GnHRa)
    • एंटीहार्मोनल एजेंट या हार्मोन मॉड्यूलेटर

    यह समझ लें की जब आप दवाओं का लेना बंद कर दें तो फाइब्रॉएड के होने का खतरा फिर भी हो सकता है | साइड-इफेक्ट्स भी एक अलग समस्या है | 

     

    गर्भाशय फाइब्रॉइड (गांठ) के लिए सर्जरी

    यदि लक्षण बहुत ही ज़्यादा गंभीर है तो, डॉक्टर आपको सर्जरी करवाने के लिए बोल सकते हैं | पर किसी भी निर्णय पर आने से पहले आप डॉक्टर से विचार-विमर्श करें की आपको क्या करना चाहिए | 

     

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