टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे किया जाता है?

टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया, यदि आप test tube baby centre in Punjab में टेस्ट ट्यूब बेबी या IVF ट्रीटमेंट करवाना चाहते हो तो, यह ज़रूरी है की आपको इसकी अच्छे से जानकारी हो | जब आप एक अच्छे IVF centre in Punjab में ट्रीटमेंट के लिए जाते हैं तो, कुछ इस तरह से ट्रीटमेंट किआ जाता है :

  • सबसे पहले उत्तेजन होता है, जिसका मतलब की अंडो की गिणती को बढाया जाता है | इसके लिए महिला को कुछ दवाएँ खानी पड़ती हैं | इस पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की मदद से यह देखते हैं की अंडो का विकास सही से हो रहा है |
  • उसके बाद जब अंडों की गिनती पूरी हो जाती है तो, उसको लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया से बाहर निकाला जाता है | महिला को कोई तकलीफ न हो उसके लिए उनको एनेस्थीसिया दिए जाता है | एक पतली सी ट्यूब की सहायता से अंडाशय से जाते हुए योनि में पहुँच कर अंडे को बहार निकाला जाता है |
  • उसी दौरान पुरुष से वीर्य नमूना लिया जाता है | उसके बाद उसके अंडों के साथ मिक्स किया जाता है, जिससे की एम्ब्र्यो बनता है | यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही नियंत्रित वातावरण में होती है , जो की एक महिला के गर्भाशय के तापमान से सामान्य होती है | इसी वजह से एम्ब्र्यो बनता है |
  • एम्ब्र्यो की वृद्धि को ध्यान से देखा जाता है और जिस एम्ब्र्यो में असामान्‍यता होती है उसको चुना नहीं जाता | इसी वजह से इस ट्रीटमेंट की सफलता दर ज़्यादा है बाकियों के मुकाबले में | जब एम्ब्र्यो की सामान्य वृद्धि हो जाती है जो की 3 से 5 दिन लेती है, फिर उसको गर्भाशय में डाल दिया जाता है |
  • 2 हफ्तों के इंतज़ार के बाद आपको , डॉक्टर के क्लिनिक जाना पड़ता है यह जानने के लिए की टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट सफल हुआ है के नहीं | डॉक्टर इसको ब्लड टेस्ट के द्वारा पता लगाते हैं |
टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया

टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया

टेस्ट ट्यूब बेबी ट्रीटमेंट बांझपन को दूर करने के लिए है | जिसका मतलब यह है की जो भी दम्पति खुद से संक्षिप्त नहीं हैं एक बच्चा पैदा करने के लिए , जो की किसी वजह से है | वह इस ट्रीटमेंट की सहायता से गर्भावस्था का सुख पा सकते हैं |

डॉक्टर आपके समस्या को ध्यान में रखते हुए आपको पूरी प्रक्रिया का खर्च बतायँगे | कुछ चीज़ें जो ध्यान में रखी जाती हैं , वो नीचे दी गई हैं :

  • उम्र
  • इनफर्टिलिटी का कारण
  • आपकी समग्र स्वास्थ्य
  • डॉक्टर का अनुभव
  • कोनसे अस्पताल में आप ट्रीटमेंट करवा रहे हैं

यह ट्रीटमेंट बिल्कुल भी दर्दनायक नहीं है और न ही आपको इससे डरने की कोई ज़रुरत है | जैसे की एक नार्मल प्रेगनेंसी में महिला को कुछ तकलीफ होती है वैसे ही इस ट्रीटमेंट में भी कुछ उतर चढ़ाव आते हैं | जैसे की:

  • इंजेक्शन दवाएं लेना
  • भ्रूण के गर्भाशय में वापस स्थानांतरण करना
  • अंडाशय की सूजन ( अंडा विकसित होने के समय )
  • प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि से संबंधित दर्द

भारत में टेस्ट ट्यूब बेबी का खर्च लगभग 50 हज़ार से शुरू हो सकता है | आपकी स्थिति के अनुसार खर्च बढ़ भी सकता है |

सरकारी टेस्ट ट्यूब बेबी केंद्र का नंबर 83373 है |

टेस्ट ट्यूब बेबी 1978 में रॉबर्ट एडवर्ड्स और पैट्रिक स्टेपटो (gynecologist) ने इंग्लैंड में किआ था |

टेस्ट ट्यूब बेबी एक ऐसी तकनीक है जिसमें भ्रूण महिला के शरीर के बाहर विकसित किया जाता है |

भारत में सबसे पहले टेस्ट ट्यूब बच्चे का नाम था दुर्गा” (कनुप्रिया अग्रवाल) | जो की चिकित्सक डॉ सुभाष मुखोपाध्याय टेस्ट ट्यूब ट्रीटमेंट की मदद से 3 अक्टूबर, 1978 को हुआ था |

विश्व में जिस बच्चे का जन्म इस तकनीक से सबसे पहले हुआ उसका नाम लुईस ब्राउन (Louise Brown) था और वो बिल्कुल स्वस्थ थी |